ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया वन महोत्सव सप्ताह, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं को दिलाई गई वन संरक्षण की शपथ
सोनीपत, 07 जुलाई (Dainik Jagruk,Kuldeep Ranga)
ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल (जी-3) में वन महोत्सव सप्ताह का आयोजन धूमधाम से किया गया। स्कूल में सोमवार को वन महोत्सव सप्ताह के समापन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लघु नाटिका, कविता व गीत के माध्यम से जीवन में पेड़ों का महत्व बताया तथा वन संरक्षण का संदेश दिया। स्कूल के चेयरमैन सुधीर जैन, सीईओ संजय जैन, डायरेक्टर ध्रुव जैन, प्राचार्या गीता चोपड़ा व उप प्राचार्या रूना दास ने छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया। समारोह में स्कूल के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं को वन संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। चेयरमैन सुधीर जैन ने कहा कि जीवन बिना वन के संभव नहीं है। धरती मां का श्रृंगार पेड़-पौधे हैं। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को फिर से बेहतर बनाने के लिए हमें पौधे लगाने ही होंगे। इसके लिए हम सभी को संकल्पित होकर पौधरोपण में जुट जाना चाहिए। खाली भूमि पर पौधा लगाएं, जिससे पर्यावरण के साथ हम खुद को तथा भविष्य को सुरक्षित करें।
सुधीर जैन ने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह में वन महोत्सव मनाने की शुरुआत वर्ष 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री केएम मुंशी ने की थी। देश में बढ़ती हुई वनों की कटाई और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए यह पहल की गई थी। सुधीर जैन ने कहा कि वन महोत्सव के माध्यम से लोगों में पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की भावना पैदा की जाती है ताकि एक स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण बनाया जा सके। प्राचार्या गीता चोपड़ा ने कहा कि
वन हमारे जीवन के लिए एक अनिवार्य तत्व हैं। वन हमें ऑक्सीजन, लकड़ी, औषधियां और अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ प्रदान करते हैं। वनों का हमारे जलवायु पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। वे भूमि की कटाव से रक्षा करते हैं, वर्षा का संतुलन बनाए रखते हैं और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल में आयोजित वन महोत्सव सप्ताह में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह का साथ हिस्सा लिया। इस अवसर पर हर्षित, हिमाया, अविशि, जिगर, समर्थ, क्षितिज, लवित, दिव्यांशी, जय,आरव देशवाल, वंश, शानवी, वान्या, सिवि, शोभित, इवांशी आदि बच्चों ने लघु नाटिका में अपनी प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। छात्राओं ने नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति से पेड़ों की पीड़ा को अभिव्यक्त किया तथा वन संरक्षण का महत्व बताया। वन महोत्सव सप्ताह के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक स्कूल परिसर में पौधे लगाए तथा उनकी सुरक्षा व देखभाल का संकल्प भी लिया। वन महोत्सव के आयोजन में मीनू, अर्चना, सुषमा, कावेरी, आहुति, स्वाति आदि अध्यापिकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
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