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संस्कारवान पीढ़ी से ही साकार होगा 2047 का विकसित भारत का सपना : राजीव जैन


सोनीपत, 16 जनवरी(dainikjagruk.com)(Kuldeep Ranga)

देश की भावी पीढ़ी यदि संस्कारवान होगी, तभी वर्ष 2047 में विकसित राष्ट्र बनने का सपना साकार हो सकेगा। देश के नागरिकों की पहचान उनके संस्कार, संस्कृति और सभ्यता से होती है। जिस देश के नागरिकों में ये तीनों गुण नहीं होते, उसके विकसित होने का कोई वास्तविक अर्थ नहीं रह जाता।

ये विचार नगर निगम के पूर्व मेयर राजीव जैन ने ब्रह्मनगर स्थित माता जीजाबाई संस्कारशाला में बच्चों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों ने भारत की सनातन संस्कृति को नष्ट करने के भरसक प्रयास किए, लेकिन इसके बावजूद भारत आज मजबूती के साथ विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।

राजीव जैन ने चिंता जताते हुए कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत भावी पीढ़ी को धर्म, संतों के सद्वचनों और देश के निर्माण एवं स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले महापुरुषों की जीवन गाथाओं से दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण आज के समय में स्कूलों में नैतिक एवं धार्मिक शिक्षा दिया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

उन्होंने संस्कारशाला के संचालकों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रत्येक गली-मोहल्ले में इस प्रकार की संस्कार पाठशालाओं की आवश्यकता है, ताकि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार विकसित हो सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके उपरांत राजीव जैन ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा संस्कारशाला में निःस्वार्थ सेवा देने वाले युवक-युवतियों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर संस्कारशाला की संचालिका सुमन, सविता, ज्योति, अदिति, संगीता, वर्षा, आरती, भारत भूषण आज़ाद सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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