लाला लाजपत राय का जीवन साहस, स्वाभिमान और स्वदेशी का प्रतीक : राजीव जैन
सोनीपत, 28 जनवरी। लाला लाजपत राय का जीवन साहस, स्वाभिमान एवं स्वदेशी का पर्याय था और उन्होंने अंग्रेजी शासन को नाकों चने चबवा कर देश को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त करवाने की क्रांति का सूत्रपात किया। लाला लाजपत राय का अतीत केवल स्मृति नहीं बल्कि भारत के लिए आत्म बल, निर्भीकता एवं राष्ट्र निर्माण का जीवित आह्वान है। उक्त विचार नगर निगम के पूर्व मेयर राजीव जैन ने लाला लाजपत राय मंडी में उनकी 161 वीं जयंती के अवसर पर मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने के बाद संबोधन में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि लालाजी का एक वाक्य कि मेरी छाती पर पड़ा लाठी का एक-एक प्रहार अंग्रेजी शासन के कफन की कील साबित होगा ने अंग्रेजी शासन की चूले हिला दी। मेयर जैन ने कहा की लाला लाजपत राय ने डी ए वी संस्थाओं की स्थापना करके शिक्षा के क्षेत्र तथा पंजाब नेशनल बैंक खोलकर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित करना तभी सार्थक होगा जब हम उनके विचारों को अपने जीवन और सार्वजनिक आचरण में उतारे तथा प्रखरता के साथ राष्ट्र के लिए खड़े होने का संकल्प ले। इस अवसर पर लाला लाजपत राय अमर रहे के नारे लगाकर लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में मंडी के प्रधान अजय गोयल, व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला, मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन संजय वर्मा, प्रदीप गोयल, पूर्व पार्षद अतुल जैन, भाजपा नेता नवीन मंगला, रमेश जैन, अशोक गर्ग, नरेश कंसल, सचिन आदि व्यक्ति उपस्थित रहे।
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