Top Stories
  1. मुरथल में आंतिल चौबीसी बुजुर्ग सम्मान समारोह: 102 वर्षीय छोटूराम बने आकर्षण, ‘आजाद पंछी’ पुस्तक का हुआ विमोचन
  2. “ईद पर जसवीर दोदवा का बड़ा संदेश: भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत”
  3. मतदाता सूची शुद्धिकरण में कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम-डॉ अरविंद शर्मा
  4. काठ मंडी अग्रवाल धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अरुण बंसल ने लिया आध्यात्मिक आशीर्वाद
  5. किसान के घर पहुंचे राहुल गांधी: सोनीपत के मदीना गांव में साधारण किसान की बेटी की शादी में दिया आशीर्वाद dainikjagruk.com
  6. सोनीपत में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर FALSSA के भव्य कार्यक्रम, पूर्व मंत्री कविता जैन सहित कई महिलाएं सम्मानित
  7. बेटियों को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना आवश्यक: डा.सुमन मंजरी Dainik Jagruk
  8. एशियन ओलंपियाड में चमके पूर्ण मूर्ति ग्लोबल स्कूल के विद्यार्थी
  9. इंटर कॉलेज गर्ल्स हैंडबॉल चैंपियनशिप में जीवीएम गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने चमकाया कॉलेज का नाम
  10. जीवीएम गर्ल्स कॉलेज में ‘सभी के बीच समानता’ विषय पर जागरूकता शिविर, मनाया गया शून्य भेदभाव दिवस DAINIK JAGRUK

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ दूसरा दिन: ज्ञान, भक्ति और वैराग्य – सोनीपत


श्रीमद् भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ अमृत प्रवाह का दुसरा दिन
समाज द्वारा बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं किंतु भगवान के नियम ना तो गलत हो सकते हैं और नहीं बदले जा सकते हैं
सर्वश्रेष्ठ जीव वही है जो अपने उद्देश्य को याद रखे
कथा सुनना समस्त दान, व्रत, तीर्थ, पुण्यादि कर्मो से बढ़कर है

सोनीपत,16 सितंबर(DAINIK JAGRUK):(kuldeep ranga)

आज शिव मन्दिर (शिव वाटिका) नंदवानी नगर सोनीपत के प्रधान श्री सीताराम भारद्वाज ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन हिमाचल से पधारे परमपूज्य पण्डित विनय शर्मा जी ने राजा परीक्षित के जीवन प्रसंग, सुखदेव जी का जन्म, ध्रुव चरित्र, कपिल अवतार, और शिव-सती प्रसंग जैसे विषयों को सुनाया जाता है। इस दिन कथावाचक ज्ञान, भक्ति और वैराग्य पर जोर देते हुए, अच्छे कर्मों के महत्व और भगवान के प्रति समर्पण की शिक्षा देते हैं, जिससे भक्तों को मोक्ष और आनंद की प्राप्ति होती है।
कथा व्यास जी ने बताया कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाज द्वारा बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं किंतु भगवान के नियम ना तो गलत हो सकते हैं और नहीं बदले जा सकते हैं
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल पुस्तक नही साक्षात श्रीकृष्ण स्वरुप है। इसके एक एक अक्षर में श्रीकृष्ण समाये हुये है। उन्होंने कहा कि कथा सुनना समस्त दान, व्रत, तीर्थ, पुण्यादि कर्मो से बढ़कर है। कथा सुनकर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा के मध्य में मेरी लगी श्याम संग प्रीत भजन सुनकर भक्त आत्मसात हो गये। भागवत जी कहती है कि धन्य वह नही जिसके पास धन दौलत अधिक हो। धन्य तो वह जो निर्धन होते हुये भी ठाकुर का चिन्तन, भक्ति करें। ऐसे भक्तों पर ठाकुर की कृपा सैदव रहती है। कथा सुनकर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
    कलश यात्रा में शुकन भारद्वाज, कृष्णा आर्या, बिन्दु, राजवन्ती राठी, लता चावला, नीरू, बबली, सुनैना, भारती, नीलकण्ठ शर्मा, ओम प्रकाश, दर्शन आहुजा, नरेश सैनी, आनन्द, सुभाष हसीजा, मनोहर लाल छाबडा, करण सिंह सेतिया,सुदर्शन लाल, सुरेश, राजकुमार भटेजा, राजेश, पुनित शर्मा, रिघम, ललित आदि मौजूद रहे
    सीताराम भारद्वाज  प्रधान – 9816647000
गगन प्रैस सलाहकार – 9729182851

Comments

Leave Comments