सोनीपत: सरस्वती शिक्षा संस्थान में विद्यार्थियों को एंटीबायोटिक के सही उपयोग को लेकर किया गया जागरूक, दिलाई गई शपथ Dainik Jagruk
सोनीपत: सरस्वती शिक्षा संस्थान में विद्यार्थियों को एंटीबायोटिक के सही उपयोग को लेकर किया गया जागरूक, दिलाई गई शपथ Dainik Jagruk
सोनीपत(Dainik Jagruk,Kuldeep Ranga)
सरस्वती शिक्षा संस्थान सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोनीपत के विद्यालय प्रांगण में प्रातःकालीन सभा के दौरान विद्यार्थियों को एंटीबायोटिक दवाइयों के सही उपयोग एवं एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि एंटीबायोटिक दवाइयों का गलत और अनियंत्रित प्रयोग भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई कि वे बिना डॉक्टर के पर्चे के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन नहीं करेंगे तथा किसी भी चिकित्सक पर अनावश्यक रूप से एंटीबायोटिक लिखने का दबाव नहीं बनाएंगे। साथ ही यह भी समझाया गया कि यदि चिकित्सक एंटीबायोटिक दवा लिखते हैं, तो उसकी पूरी निर्धारित खुराक लेना अत्यंत आवश्यक है, अधूरी खुराक दवा के प्रभाव को कम कर देती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह जानकारी भी दी गई कि घर में बची हुई या एक्सपायरी एंटीबायोटिक दवाइयों को कूड़े में फेंकने के बजाय सुरक्षित नष्ट करने के लिए नजदीकी केमिस्ट को सौंपना चाहिए। विद्यालय प्रशासन द्वारा स्वच्छता के महत्व पर भी जोर दिया गया और विद्यार्थियों को नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने, अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस एक “मौन महामारी” के रूप में तेजी से फैल रही है, जिसे रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बेहद आवश्यक है। इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की प्रभावशीलता को सुरक्षित रखना है।
विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि सभी विद्यार्थी इस शपथ का पालन करते हुए न केवल स्वयं जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी इस विषय पर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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